विश्वाश। Vishvash। Motivational Story in Hindi

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एक बार की बात है। श्यामपुर नाम के गांव में दो बच्चे रहा करते थे चिंटू और पिंटू।

चिंटू 6 साल का था बल्कि पिंटू 10 साल का दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं और सबसे ज्यादा समय एक साथ खेला करते थे।

एक दिन चिंटू और पिंटू गांव से थोड़ी दूर जंगल के पास खेलने जाते है।

खेलते खेलते पिंटू एक कुएं में गिर जाता है और चिल्लाने लगता है, क्योंकि उसे तैरना नहीं आता था और वो सोचने लगा कि वो डूब कर मर जाएगा।

पिंटू को कुएं में डूबता हुआ देख चिंटू समझ नहीं पा रहा था कि वह अब क्या करें।

वह अपने आस-पास दिखता है, पर वो दोनों गांव से इतनी दूर थे कि ना कोई उन्हें दिखाई दे रहा था और ना कोई उनकी आवाज सुन सकता था।

तभी चिंटू एक लोहे की बाल्टी कुएं के पास देखता है जो कि एक लंबी रस्सी से बंधा हुआ था। चिंटू बिना समय गवाएं उस लोहे की बढ़ती को लेकर कुए के अंदर फेंकता है और पिंटू को कहता है कि वह कस कर उस बाल्टी को पकड़ ले।

चिंटू रस्सी खींचने लगता है और खीचता रहता है जब तक पिंटू कुए के बाहर नहीं निकलता।

पिंटू को कुएं के बाहर निकलता हुआ देख दोनों खुश होते हैं और एक दूसरे को गले लगाकर गांव की तरफ निकल पड़ता है।

घर जाकर दोनों बच्चे अपने परिवारों और गांव में जब यह सारी कहानी बताते हैं तो किसी को भी उन पर यकीन नहीं होता, क्योंकि चिंटू बहुत ही छोटा था कि वह एक पानी से भरे लोहे की बाल्टी उठा सके।

इसी वजह से गांव के लोगों ने भी यह मानने से इंकार कर दिया कि चिंटू ने पिंटू को कुएं से बाहर निकाला लेकिन रामू नाम की एक बूढ़े आदमी ने उन दोनों की कहानी को यकीन किया।

गांव वालों ने बूढ़े आदमी से पूछा ” ऐसा कैसे हो सकता है ? “

वो बूढ़े आदमी बहुत ही अनुभवी थे उन्होंने हंसते हुए कहा ” इसमें समझाने वाली क्या बात है चिंटू ने बता दिया उसने कैसे किया, उसने पार्टी कुएं में फेंका और रस्सी को खींचा और पिंटू को बचाया। इसमें हैरानी की यह बात है कि उसने इतनी सारी ताकत लाए कहां से “

उन अंकल ने यह भी कहा कि ” उस समय वहां कोई नहीं था जो चिंटू को बोल सके कि वह नहीं कर सकता यहां तक कि खुद चिंटू भी नहीं सोच सकता था कि वह नहीं कर सकता

अंत में उन अंकल ने यह कहा की ” अगर हम खुद पर यकीन करके कोई काम करें तो हमें उस काम को पूरा करने से कोई भी नहीं रोक सकता “

सीख:- हमें खुद पर भरोसा होना चाहिए।

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About Devashish Markam

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