April 14, 2021

सोने का अंडा। panchatantra story in hindi with moral

एक गांव में एक आदमी था और वह अंडे का व्यापार करता था उसके पास एक बहुत बड़ा मुर्गियों का फार्म भी था उसमें बहुत सारे मुर्गियां थे।

हर तीनों आदमी पोल्ट्री फार्म मैं सब मुर्गियों का देखभाल करता था और जो भी अंडे आते थे उसे मार्केट में भेज कर आता।

एक दिन वह सड़क पर जा रहा था और उसने एक मुर्गी को दिखा।

वह मुर्गी बहुत प्यासी और भूखी थी उस मुर्गी को उठा कर घर ले कर आ गया और उस मुर्गी को बहुत प्यार से पालने लगा।

धीरे धीरे वह मुर्गी तंदरुस्त बन गई और वो आदमी उस मुर्गी का बहुत ख्याल करने लगा।

हर फिल्म की तरह वह अपने फार्म में आया और उस मुर्गी के दिए हुए अंडे को देख कर चौक गया। उस जगह पर सोने का अंडा था।

उस दिन के बाद हर रोज वो मुर्गी एक सोने का अंडा देती थी। उस अंडे को लेकर वह आदमी सब जरूरत की चीजे खरीदने लगा।

कुछ ही दिनों में वह गाड़ियां एक बड़ा सा मकान और बहुत सारे गाय बैल भी खरीद लिया।

एक महीने बाद उसके घर में खरीदने के लिए कुछ भी नहीं बचा। इतने में उसके मन में लालच की वजह से एक बुरा ख्याल आया।

वह उस गांव में और सारी दुनिया में सबसे अमीर आदमी बनने की सोच में पड़ गया।

अगले दिन वह फार्म में जाकर देखा तू एक ही सोने का अंडा दिखाई दिया तब उसका मन लालच से भर गया था।

अब वह आदमी सोचने लगा ” यह रोज रोज एक अंडे को लेकर सबसे बड़ा आदमी नहीं बन सकता क्यों ना मैं आज इस मुर्गी को काट कर सारे अंडे एक ही बार निकाल देता हूं और इस दुनिया में बहुत बड़ा अमीर बन जाऊंगा। “

वह आदमी लालच से उस मुर्गी की पेट काट देता है। काट के देखता है तो उसमें कोई भी अंडा नहीं था।

अब मुर्गी की पेट काटने पर उसे एक भी अंडा ना मिलने का दुख होता है और वह मन ही मन सोचता है ” यह क्या हो गया इस मुर्गी के पेट में एक भी अंडा नहीं था अब मैं क्या करूं “

उस आदमी को अपनी गलती का एहसास होता है और वह सोचता है ” मेरी लालच की वजह से बहुत बड़ा नुकसान हो गया “

सीख:- लालच के वजह से हमेशा नुकसान ही होता है।

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