मेहनत बड़ी या अकल।Kids Moral Story in Hindi

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अमित और अभिनव नाम के दो दोस्त थे दोनों की दोस्ती बड़ी ही पक्की थी पढाई ख़त्म होने के बाद दोनों की एक ही जगह नौकरी लग गयी । नौकरी लगने के बाद दोनों एक दूसरे से कैंटीन में बातें करते है ।

अमित:- सालो की मेहना के बाद आख़िरकार हम दोनों की नौकरी लग गयी, अब हम यहाँ भी जम कर मेहना करेंगे ।

अभिनव:- हां, बिलकुल और कुछ ही सालो में हमे प्रमोशन भी मिल जायेगा ।

अमित:- प्रमोशन तो मिलना ही चाहिए, हम जो इतनी मेहनत करते है, हमारे बॉस चाह कर भी हमें मना नहीं कर पायेंगे।

दोनों इस बात पर हस्ते है ।

अभिनव:- चलो, लंच ब्रेक ख़त्म हो गया है हमे चलना चाहिए ।

दोनों खाना खाने के बादपने अपने काम पर लग जाते है काम करते करते अब उन्हें एक साल बीत चूका है प्रमोशन का भी समय आ गया है जिसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे होते है ।

अमित (हस्ते हुए):- अभिनव मुझे लगता है , इस साल मुझे ही प्रमोशन मिलेगा तुम अगले साल की तयारी करो ।

अभिनव:- क्यों नहीं , पर मुझे लगता है की इस साल प्रमोशन मुझे ही मिलेगा तुम करना अगले साल की तयारी (यर कह कर हसने लगता है)। अच्छा अच्छा शांत बॉस आ गए है ।

इतने में दोनों के बॉस आ जाते है। प्रमोशन में बास अभिनव का नाम ले कर उनके बॉस वह से चले जाते है, प्रमोशन में अमित अपना नाम न सुन कर अमित को धक्का लगता है और वो बहुत नाराज़ हो जाता है, तभी अभिनव उसे बोलता है ।

अभिनव:-कोई बात नहीं अमित ऐसा हो जाता है तुमने भी बहुत मेहनत की है शायद हमारे बॉस को कुछ पसंद नहीं आया होगा पर तुम देखना अगले बार तुम्हे ज़रूर प्रमोशन मिलेगा ।

बिना कुछ कहे ही अमित वह से बहार चला जाता है, और अपनी सीट पर बैठ कर सोचने लगता है ।

अमित:- मैंने भी साल भर मेहनत की लेकिन सिर्फ अभिनव को ही प्रमोशन क्यों मिला मुझे क्यों नहीं ऐसा कैसे हो सकता है , मैं आज ही ये नौकरी छोड़ दूंगा।

अमित गुस्से में बॉस के पास जा कर नौकरी छोड़ने की बात कहता है ।

अमित:-सर मैं ये नौकरी नहीं कर सकता, मैं आज ही ये नौकरी छोड़ना चाहता हु ।

बॉस:- लेकिन क्यों, अचानक से तुम क्या हो गया ।

अमित:- सर पिछले एक साल से मैं पूरी मेहनत कर रहा हु। मैं और अभिनव एक ही साथ काम करने आये थे लेकिन प्रोमशन सिर्फ अभिनव को क्यों। ये तो बिलकुल गलत है सर, लगता है आप सिर्फ उसी को प्रमोशन देते है जो आपकी चापलूसी करे।

गुस्से में अमित अपने बॉस को ऐसी गलत बातें बोल जाता है जो उसे नहीं बोलनी चाहिए थी। उसकी साड़ी बात बॉस ध्यान से सुनते है और फिर बोलते है ।

बॉस:- देखो अमित मुझे पता है की तुमने बहुत मेहनत की है पर उतना नहीं जितना तुम्हे करना चाहिए थी ।

अमित:- मुझे पता है मैंने कितनी मेहनत की है। मुझे बस ये काम नहीं करना ।

बॉस:- ठीक है, मैं तुम्हे प्रमोशन भी दे दूंगा और अभिनव से अच्छी सैलरी भी पर तुम्हे मेरा एक काम करना होगा ।

अमित:- ठीक है, मैं करूंगा ।

बॉस:- बाज़ार जा कर या पता करो की वह कौन कौन आम बेच रहा है ।

अमित:- ठीक है ।

थोड़ी देर बाद अमित बाज़ार से वापिस आता है और अपने बॉस से कहता है ।

अमित:- सर बाज़ार में सर, एक ही आदमी आम बेच रहा है।

बॉस:- अच्छा तो ठीक है, अब जा कर ये पता करो की आम कितने रूपए किलो मिल रही है ।

ये सुन कर अमित दुबारा बाज़ार जाता है और आमो का दाम पता कर वापिस आता है।

अमित:- सर, बाज़ार में आम पचास रूपए किलो मिल रहे है।

बॉस:- ठीक है , अब मैं यही काम अभिनव को दूंगा ।

बॉस को अभिनव को बुलाता है और उसे भी बाज़ार भेज देता है सब सुनने के बाद अभिनव बाज़ार जाता है और आमो का दाम पता लगाने चला जाता है ।

पता लगाने के बाद अभिनव बाज़ार से वापिस आता है और अपने बॉस से कहता है।

अभिनव:- सर, बाज़ार में एक ही आदमी आम बेच रहा है। अगर हम उससे सारे आम खरीद ले तो वो हमे सरे आम ४० रूपए किलो में दे देगा, उसके पास ६० किलो आम है अगर सारे आमो को ५० रूपए किलो में बाज़ार में बेच दे तोह हमें बहुत सारा मुनाफा होगा।

अभिनव की बात सुन कर अमित बहुत ही हैरान होता है और उसे अपनी गलती का एहसास हो जाता है।
उसे ये पता चल जाता है की सिर्फ मेहनत करने से कुछ नहीं होता हमें अपने अकल का भी इस्तेमाल करना चाहिए। अमित नौकरी छोड़ने की बात अपने दिल से निकल देता है और वही रह कर काम करने का फैसला करता है।

Moral:- हमें हमेशा काम करते समय अपने बुद्धि का भी इस्तेमाल करनी चाहिए। जब मेहनत और बुद्धि साथ मिलते है तो काम हमेशा अच्छा होता है ।

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About Devashish Markam

Hi I am Devashish Markam and I'm the co-founder of hindistoryhub.inand we can assure you that we will keep you updated with the best Hindi stories out there.Until then Goodbye.

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