लालची ऑटो चालक। Laalchi Auto Driver

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मुंबदेवी नाम के एक गांव में श्याम नाम का एक ऑटो चालक रहता था।

श्याम बहुत ही लालची था उसकी इच्छा थी कि वो कम समय में ज्यादा पैसे कमाए।

एक बार बड़े जोरो की बारिश हो रही थी। एक परिवार भीगते हुए बस का इंतेज़ार कर रहे थे। तभी श्याम उन्हें देखता है और उनके पास जाता है।

” ऑटो, चाहिए साहब ” श्याम कहता है।

” नहीं हम बस में जाएंगे ” परिवार का मुख्या।

” क्यों साहब, शहर में नए आए हो क्या बस में जाने की बात कर रहे हो। ” श्याम कहता है।

” हा हम पहली बार आए है, पर बस में जाने से क्या होगा। ” परिवार का मुख्या।

” साहब बस आपको बस स्टैंड पर ही उतार देगी पर आप ऑटो से जाओगे तो गलियों के अंदर से जा कर आपके घर तक आपको छोड़ आऊंगा ” श्याम कहता है।

” नहीं, नहीं हम बस में ही जाएंगे ” परिवार का मुख्या कहता है।

” साहब बच्चो का तो सोचिए, देखिए कैसे भीग रहे है ” श्याम कहता है।

ये कह कर श्याम उस परिवार को अपनी ऑटो पे सवार कर लेता है।

श्याम भोले भले यात्रियों को अपनी रिक्शा में बैठा कर उनसे ज्यादा पैसे चार्ज कर लेता था।

श्याम ज्यादा से ज्यादा यात्री बिठा कर यातायत नियमो का भी उलंघन करते हुए ऑटो चलाया करता था।

इसी तरह एक दिन शहर में नए आए यात्री को अस्पताल जाना था जो कि पास की गली में ही था, पर श्याम उस यात्री से ज्यादा पैसे चार्ज करने की सोचता है। श्याम यात्री को बैठने को कहता है।

श्याम उस यात्री को अस्पताल का रास्ता छोड़ उस यात्री को पूरा शहर दिखाता है। श्याम हर मीटर के 10 रूपए लिया करता था। श्याम उस यात्री को पूरा शहर घुमा कर 500 रूपए चार्ज करता है।

श्याम सभी यात्रियों को बहका कर पैसे कमाता था।

एक बार दो नव जवान श्याम की ऑटो पर बैठते है।

” कहा जाना है ? ” श्याम पूछता है।

” सही पता नहीं जानते पर कार्ल मार्क्स रोड जाना है ” एक नवजवान कहता है।

” बैठिए मीटर के ऊपर 10 रूप देना होगा ” श्याम कहता है।

श्याम अपनी आदतों से मजबूर उन यात्रियों को भी सारा शहर घूमने लगता है।

यात्रियों को शहर घुमाते हुए लगभग 1 घंटा होने को था। यात्रियों को शक होने लगा था और वो अपने फोन पर ऑनलाइन मैप्स देखने लगते है।

ऑनलाइन मैप्स में कार्ल मार्क्स रोड का पता देखने के बाद उन्हें पता चल जाता है कि ऑटो चालक उन्हें बेवकूफ बना रहा है।

यात्री ने श्याम को सबक सिखाने की ठान ली और उन दोनों को एक तरकीब सूझी।

रोड पर रिक्शा चलाते समय यातायात संकेत लाल हो जाता है। तब उनमें से एक यात्री ऑटो से उतर कर श्याम के साथ सेल्फी लेने लगता है और दूसरी ओर दूसरा यात्री श्याम की ऑटो का मीटर घुमा देता है और श्याम के पास 20 रूपए रख देता है।

” चलो चलते है ” ये के कर दोनो यात्री जाने लगते है।

” ये क्या सिर्फ 20 रूप ” श्याम कहता हुए उनके पीछे दौड़ता है।

यातायात संकेत हरा होने पर रिक्शा के पीछे गाडियां हॉर्न बजाने लगी और ट्रैफ़िक जाम हो गई।

यातायात पुलिस आ कर श्याम को 500 रूपए का चालान दिया।

” मै अगर किसी को धोखा दू तो कोई दूसरा मुझे धोखा देगा ” ये सोचते हुए श्याम ने कसम खा ली की अब से वो किसी को धोखा नहीं देगा और ईमानदारी से ऑटो चलाया करेगा।

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About Devashish Markam

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