कौआ और सांप। Kauva aur Saap। Panchtantra Story in Hindi

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एक कौआ घोंसला बनाने के लिए जंगल में जगह ढूंढ़ रही होती है।

कौआ को जंगल के बीच एक बड़ा सा पेड़ दिखाई पड़ता है।

कौआ एक एक तिनका जोड़ कर अपना घोंसला बनाती है और कुछ दिनों बाद उस घोस्ले में अंडे देती है।

उस पेड़ के पास एक बिल में एक सांप रहा करता था।

एक दिन सांप ने घोंसले में रखे अंडे देखे। अंडे देख कर सांप के मुंह में पानी आ जाता है।

पर सांप जल्दबाजी नहीं करता। सांप कौवे को घोंसले से दूर जाने का इंतेज़ार करता है।

अगली सुबह जब सांप कौआ को घोंसले से दूर जाता देखता है तब सांप धीरे धीरे पेड़ पर चढ कर एक एक कर सारा अंडा खा जाता है।

लौटने पर अंडे ना पा कर कौआ बहुत उदास होती है।

कौआ:- ( रोते हुए ) मेरे अंडे कहा गए ?

कुछ समय बाद कौआ फिर से अंडे देती है।

सांप दुबारा कौवे के घोंसले में अंडे देख सांप कौवे के जाने का इंतजार करता है।

कौवे के जाने के बाद सांप दुबारा उसी तरह उन अंडो को एक एक कर खा जाता है।

लौटने पर अंडे दुबारा गायब देख कर कौआ उदास होती है।

कौआ सोचने लगती है ” आखिर अंडे घोंसले से गायब कैसे होते है। “

कुछ समय बाद कौवे ने अंडे दिए और बाहर जाने के बहाने पास वाले पेड़ पर छीप गई।

आदत से मजबूर सांप पेड़ पर चढ कर अंडे खाने लगा।

ये देख कौवे का खून खौल उठा और वो सांप को रोकने की कोशिश की पर असफल रही।

कौआ उड़ते हुए सोचने लगी ” सांप से छुटकारा कैसे मिलेगा। “

तब उसकी नजर राजमहल मै महारानी पर पड़ती है जो अपने सहेलियों के साथ कुंड में नहा रही थी।

कुंड के पास ही महारानी के वस्त्र और गहने रखे हुए थे।

वस्त्र और गहने देख कर कौवे के मन में एक उपाय सूझा।

कौवे ने फौरन रानी के गहनों को बिखेर कर हीरे से जड़ा हार को चोच में दबोच कर उड़ने लगा।

कौवे को महारानी का हार ले कर उड़ता देख महारानी की एक साथी जोर से चिल्ला कर बोली ” वो देखो कौआ महारानी का हार ले कर उड़ रहा है। सिपाहियों जाओ जा कर पकड़ो उस कौवे को। “

सिपाही कौवे का पीछा करने लगे।

कौआ सिपाहियों को अपने पीछे आता देख, कौआ उड़ते उड़ते सीधा सांप के बिल के ऊपर पहुंच कर हीरे का हार सांप के बिल में गिरा देता है।

सारे सैनिक सांप के बिल के पास जा कर सांप के बिल को तोड़ने लगते है।

सांप बाहर निकलता है, सिपाही सांप को बिल से बाहर निकलता देख डर जाते है और सांप का शिकार कर महारानी का हार ले कर राजमहल वापिस लौट जाते है।

सांप को मरा हुआ देख कौआ बहुत खुश होती है।

कौआ दुबारा अंडे देती है और अपने बच्चो के साथ खुशी खुशी जीवन गुजारती है।

शिक्षा:- सूझबूझ के साथ किसी भी समस्या का हल ढूंढ जा सकता है।

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About Devashish Markam

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