दो दोस्त और भालू। Do Dost aur Bhaloo। Friendship Story in Hindi

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गोलू और मोनू दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे।

गोलू बहुत ही सहमा हुआ और डरपोक लड़का था और मोनू बहुत ही शरारती था और साहसी था।

एक दिन दोनों ने सोचा कि पास के मेले में चलते हैं।

पर इस बात से गोलू सहमत नहीं था। उसने मोलू से कहां ” मोलू हमें गांव के मेले में पहुंचने के लिए पास के जंगल में से गुजरना होगा। क्या तुम्हें डर नहीं लग रहा ? “

मोनू ने कहा ” गोलू तुम फिकर मत करो हमें कुछ नहीं होगा, जंगल के सारे प्राणी मेरे दोस्त हैं, चलो मेरे साथ वह हमें कुछ भी नहीं करेंगे। “

जल्द ही वह जंगल पहुंच गए। गोलू, मोलू के साथ साथ आ तो गया पर बहुत तरह हुआ था जंगल की डरावनी आवाज ने उसे और डरा दिया।

गोलू को डर ना लगे इसलिए मोलू गाना गाने लगा।

थोड़ी देर बाद उन्हें अपने पीछे भालू की आवाज सुनाई दी अब मोलू भी अब डर से कांपने लगा।

गोलू तो पहले से ही डरा हुआ था अब भालू की आवाज सुनकर से और डरने लगा और वह मोलू से पूछा ” वह क्या था ? “

मोनू भी घबरा गया और उसे भी डर लगने लगा और उसने जवाब दिया ” वह एक भालू है।

यह कहते हुए उसने आस पास देखा और एक पेड़ नजर आया वह जल्दी से भागा और तुरंत ही पेड़ पर चढ़ गया।

गोलू को समझ नहीं आया कि वह क्या करें अचानक उसने एक तरकीब सोची और वह जमीन पर सांस रोक कर लेट गया।

भालू उसके पास आया सूंघा और सोचा कि वह मर चुका है भालू वहां से चला गया।

मोनू पेड़ से उतरकर गोलू के पास आया और उसने गोलू से पूछा ” मैंने उस भालू को तुम्हारे कान में कुछ कहते हुए देखा क्या कहा उसने ? “

गोलू ने जवाब दिया ” उसने कहा कि मैं सतर्क रहो और तुम जैसे मतलबी दोस्त से दूर रहो। “

मोलू शर्म के मारे अपना सर झुका लिया, फिर गोलू ने कहा ” क्योंकि तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो, मैं तुम्हें इस बार माफ करता हूं पर ऐसी गलती दोबारा मत करना। “

दोनो दोस्त गांव कि तरफ चल पड़ते है।

सीख:- गलती करना तो इंसान की आदत है पर माफ करना इंसान की खूबी।

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About Devashish Markam

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