भूतिया महल। Bhutia Mehel Story in Hindi

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किसी गांव में एक पुराना महल था। जो बहुत समय से बंद था, गांव का मानना था कि वह महल बहुत समय से बंद था। शाम के बाद उस महल के आसपास कोई भी नहीं आता जाता।

एक बार तीन दोस्त पिंकी, रोहित और सुमित, पिंकी के नानी के घर पहली बार घूमने आते हैं। एक दिन वह तीनों उस गांव में घूम रहे थे तो वह तीनों कुछ लोगों को महल के बारे में बात करते हुए सुनते हैं।

पिंकी:- अंकल नमस्ते मैं पिंकी, मैं इस गांव में पहली बार आई हूं। अंकल, आप किसी भूतिया महल की बात कर रहे थे,वह क्या है ?

अंकल:- बेटी वह महल उस खाली मैदान के पीछे है जो बहुत सालों से बंद पड़ा है। ऐसा कहा जाता है, उस महल में राजा और उसका परिवार रहा करता था। राजा और उसके परिवार को किसी ने मार दिया था, तब से उस राजा और उसके परिवार की आत्मा उस महल पर भटकती रहती है और रात के वक्त वहां से चीखने चिल्लाने और रोने की आवाज आती है।

पिंकी:- तो, क्या ? उस महल में कोई नहीं आता जाता।

अंकल:- नहीं बेटी, शाम होते ही कोई भी उस महल के आसपास भी नहीं जाता। मेरी सलाह है शाम होने के बाद तुम तीनों भी उस महल की तरफ बिल्कुल मत जाना। (यह कहकर वह आदमी ही वहां से चला जाता है। )

अंकल के जाते ही।

रोहित दोस्तों से:- दोस्तों, अब आएगा मजा आज रात को ही हम उस महल पर जाएंगे और देखेंगे उस आलीशान महल को।

पिंकी:- नहीं नहीं, तुमने सुना नहीं अंकल ने क्या कहा। अगर हम उस महल पर जाएंगे तो पता नहीं क्या हो जाए, वैसे भी बड़ों ने कहा है उस महल के आसपास मत जाना।

यह सुनते ही रोहित बड़ा उदास हो जाता है।

रोहित:- ठीक है। (यह कहते हुए आपने दोस्त के साथ पिंकी कि दादी के घर वापस लौट जाते हैं। )

पर फिर भी रोहित को उस महल पर जाने का बड़ा ही मन रहता है।

रात होते ही, देर रात रोहित घर से बाहर निकलता है यह देख सुमित पिंकी के पास जाता है और पिंकी को आधी रात को जगाता है।

पिंकी:- क्या हुआ सुमित, इतनी रात को तुम मुझे क्यों जगा रहे हो।

सुमित:- पिंकी, मुझे लगता है कि रोहित उस महल में जाने वाला है चलो उसका पीछा करते हैं।

यहां सुन पिंकी और सुमित दोनों रोहित को ढूंढने निकल पड़ते हैं। सुमित और पिंकी उस महल की ओर जाते हैं।

जैसे ही सुमित और पिंकी महल के बाहर पहुंचते हैं तभी उस महल से चीखने चिल्लाने की आवाज आती है। यह सुन पिंकी कहती है रोहित अंदर फंसा होगा चलो उसे ढूंढ कर लाते हैं।

महल के अंदर जाते ही। उस आलीशान महल के मुख्य कमरे में पहुंचते है। तभी एक कमरे में से चीखने की आवाज आती है। सुमित और पिंकी उस कमरे के पास जाते हैं और जैसे ही दरवाजा खोलते हैं वह दोनों चौक जाते हैं। क्योंकि उस दरवाजे पर कोई भी नहीं रहता वह कमरा पूरा खाली रहता है।

यह देख पिंकी और सुमित बहुत ही घबरा जाते हैं और उस कमरे से बाहर निकल कर महल के मुख्य कमरे में पहुंचे हैं। बाहर निकलते ही उन्हें जोर जोर से रोने की आवाज उसी कमरे से दुबारा आने लगती है। यह सुन पिंकी और सुमित और भी डर जाते हैं उसी वक़्त एक हाथ सुमित के कंधे में रखा देख पिंकी और सुमित जोर से चीखने लगते हैं और मुड़ते ही पाते हैं कि रोहित उनके पीछे ही खड़ा है।

रोहित:- (हस्ते हुए) दोस्तों ये मै हूं रोहित। क्या हुआ डर गए ?

पिंकी:- अच्छा हुआ तुम मिल गए रोहित। और तुम इतनी रात को इस महल में क्यों घूमने आए हो।

रोहित:- नहीं, मै तो अभी आया हूं इस महल में। मैंने तो तुम्हे और सुमित को महल की तरफ आते देखा इसलिए तुम्हारे पीछे आया।

यह सुन पिंकी सुमित को गुस्से से देखती है।

सुमित:- मैंने तो रोहित को आधी रात घर से बाहर निकलता देखा था।

रोहित:- हां, मैं घर से बाहर निकला था, पर बाथरूम जाने के लिए। लौटते वक़्त मैंने तुम्हे और सुमित को कहीं जाता देख मै तुम्हारे पीछे आने लगा।

पिंकी:- अच्छा चलो, मुझे इस महल से डर लग रहा है।

रोहित:- नहीं, अभी आए है कुछ देर इस महल में घूम लेते है।

सुमित:- नहीं रोहित, इस महल में को सुबह आ जाएंगे लेकिन इस वक़्त इस महल में घूमना अच्छा नहीं।

रोहित किसी की भी बात ना मानते हुए महल में घूमने लगता है।

रोहित सीढ़ियां चड कर एक कमरे की ओर बढ़ ही रहा होता, उसे वरांडे में एक परछाई दिखाई पड़ती है। रोहित उस परछाई का पास बढ़ ही रहा होता है की उसी वक़्त परछाई गायब हो जाती है। ये देख रोहित बहुत ही डर जाता है और उसी वक़्त सुमित ओर पिंकी की ओर सीढ़ियों से नीचे दौड़ता हुआ बड़े हॉल में पहुंचता है ।

रोहित (डर कर कहता है):- चलो अब हमें यहां ओर नहीं रुकना चाहिए।

रोहित, पिंकी और सुमित उसी वक़्त उस महल से निकलने की सोचते है। उसी वक़्त उन्हें एक आवाज़ चारो दिशाओं से सुनाई देने लगती है। वो आवाज़ महल में रह रहे राजा की होती है।

महल के राजा:- आज तक जो भी इस महल में आया है वो कभी ज़िंदा जा नहीं पाया। पर ये सब मेरी वजह से नहीं होता, जो भी इस महल में आया वो सारे इस महल के भूल भुलैया में फस गए और यहां से कभी निकल नहीं पाए। तुम्हारे साथ भी यही होगा तुम भी कभी इस महल से निकाल नहीं पाओगे।

रोहित, सुमित और पिंकी घबरा जाते है और महल से बाहर जाने की कोशिश करते है। जितनी भी कोशिश करते है, तीनों घूम फिर कर उसी बड़े कमरे में आ जाते। तभी सुमित को एक तरकीब सुझती है।

सुमित:- सुनो मेरे पास एक तरकीब है, हम तीनों अलग अलग दरवाज़े के पास जाते है और जिसे महल से बाहर जाने का रास्ता मिल जाएगा सारे उसके पास पहुंच जाएंगे।

सभी सुमित की तरकीब से राजी हो जाते है। सारे अलग अलग दरवाज़े के पास खड़े हो कर साथ में दरवाज़ा खोलते है, पर उसका भी कोई फायदा नहीं होता। तीनों महल में घूमते घूमते महल के मुख्य कमरे में पहुंचते है उसी समय रोहित की नजर मुख्य कमरे में लगे झूमर की तरफ पड़ती है।

रोहित:- दोस्तों हम अभी महल के मुख्य कमरे में है।

सुमित:- तुम्हे कैसे पता ?

रोहित:- मैंने किताब में पढ़ा था कि महल के मुख्य कमरे में बड़े झूमर राजा की शान का प्रतीक है। और उस झूमर के सामने महल के आने जाने का दरवाज़ा होता है।

पिंकी:- पर यहां तो 3 तरफ दरवाज़े है।

तभी सुमित को एक तरकीब सूझती है और वो कहता है।

सुमित:- क्यों ना हम दरवाज़े के नीचे देखें तो हमे बाहर जाने का दरवाज़ा मिल सकता है।

रोहित:- हा, सब ऐसा ही करते है।

सभी दरवाजे के नीचे से देखने लगे और उन्हें महल का मुख्य दरवाज़ा मिल गया। जैसे है वो मुख्य दरवाज़े के पास जाते है तभी उन्हें राजा की आवाज़ दुबारा सुनाई देती है।

महल के राजा:- तुम बच्चो ने पहली बार इस महल का दरवाज़ा ढूंढ़ निकाला। यहां बहुत से इंसान आए पर कभी इस महल के बाहर नहीं जा पाए। तुम पहले ही जो इस महल से जा पाओगे।

तभी मुख्य दरवाज़ा खुलता है। पिंकी और उसके दोस्त वहां से भाग नानी के घर पहुंच जाते है और दुबारा उस महल की ओर नहीं जाते।

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About Devashish Markam

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